उम्र-भर वो मेरा दिल दुखाते रहेऔर हम थे कि रिश्ता निभाते रहेमुझ को अफ़सोस है इश्क़ के नाम परवो फ़क़त मुझ को उल्लू बनाते रहे— ABhishek Parashar