जब आँख भर के आप को देखा लगा कि बस
कह दूँ मैं आपसे तभी अच्छा लगा कि बस
कहता रहा था वो भी मिरा साथ देगा पर
जो इक ज़रा सा पैर में कांटा लगा कि बस
अंदाज़ हम लगा ही नहीं सकते थे कभी
इतना हसीन आपका चेहरा लगा कि बस
मुझको यक़ीन 'इश्क़ कि हर बात पर ही था
फिर इस यक़ीन से मुझे धक्का लगा कि बस
तुमने मज़ाक में जो कहा छोड़ दो मुझे
मुझको मज़ाक भी तेरा ऐसा लगा कि बस
मैं हारता नहीं किसी कीमत पे दिल के फिर
माथे से उसके जा मेरा माथा लगा कि बस
आकाश आज आपकी बाहों में मर गया
इक टूटता हुआ सा वो तारा लगा कि बस
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