jab aankh bhar ke aap ko dekha laga ki bas | जब आँख भर के आप को देखा लगा कि बस

  - Aakash Giri

जब आँख भर के आप को देखा लगा कि बस
कह दूँ मैं आपसे तभी अच्छा लगा कि बस

कहता रहा था वो भी मिरा साथ देगा पर
जो इक ज़रा सा पैर में कांटा लगा कि बस

अंदाज़ हम लगा ही नहीं सकते थे कभी
इतना हसीन आपका चेहरा लगा कि बस

मुझको यक़ीन 'इश्क़ कि हर बात पर ही था
फिर इस यक़ीन से मुझे धक्का लगा कि बस

तुमने मज़ाक में जो कहा छोड़ दो मुझे
मुझको मज़ाक भी तेरा ऐसा लगा कि बस

मैं हारता नहीं किसी कीमत पे दिल के फिर
माथे से उसके जा मेरा माथा लगा कि बस

आकाश आज आपकी बाहों में मर गया
इक टूटता हुआ सा वो तारा लगा कि बस

  - Aakash Giri

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