मंज़र बना हुआ हूँ नज़ारे के साथ मैंकितनी नज़र मिलाऊँ सितारे के साथ मैंदरिया से एक घूँट उठाने के वास्तेभागा हूँ कितनी दूर किनारे के साथ मैं— Khalid Sajjad