छोड़ना तुम चाहते हो छोड़ दो फिर
ये हमारा आज रिश्ता तोड़ दो फिर
कोई होता है किसी की ज़िंदगी में
ये भरम सारे जहाँ का तोड़ दो फिर
ख़्वाब ज़िंदा है न मरना चाहते थे
याद करना अब मुझे जाॅं छोड़ दो फिर
प्यार को तुम प्यार रहने दो हमारे
बे-वफ़ा इल्ज़ाम हम से जोड़ दो फिर
— Vinod Ganeshpure















