Neeraj Nainkwal

Neeraj Nainkwal

@Neerajnainkwal

Neeraj Nainkwal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Neeraj Nainkwal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

वक़्त के साथ जो कल बदल सकते हैं
आज ही मेरे दिल से निकल सकते हैं

आप वापस नहीं लौटना चाहते
आप बिल्कुल मेरे साथ चल सकते हैं

Neeraj Nainkwal

आसमाॅं में ख़्वाब कितने ही सजाती चल रही है
मैं फ़क़त वो ख़ाक हूॅं जो तू उड़ाती चल रही है

Neeraj Nainkwal

आख़िरी बेंच पर यूँ बुलाकर मुझे
आई लव यू कहा मुस्कुराकर मुझे

Neeraj Nainkwal

लिपटकर मुझसे रोने पे उतर आई थी
वो पहली बार खुलकर मुस्कुराई थी

दिखेंगे कैसे हम दोनों बुढ़ापे में
वो फोटो उसने बचपन में बनाई थी

Neeraj Nainkwal

उसने पूछा ही नहीं तब घर में आने के लिए
मैं गया था पास जिसके दिल लगाने के लिए

Neeraj Nainkwal

मुहब्बत में नया सिस्टम बनाना था
बिछड़कर फ़िर किसी के पास जाना था

वो मेरे सामने रोई कहानी में
कहानी जिसमें उसको मुस्कुराना था

Neeraj Nainkwal

हाँ चलो माना कि दुनिया से जुदा हो सकते हैं
सोच लो शाइर किसी पल बेवफ़ा हो सकते हैं

तू हमारे बाद तस्वीरें छुपा कर रख लियो
देखने के दर्मियाँ हम अलविदा हो सकते हैं

Neeraj Nainkwal

मेरी आखों की नमी पर बात की है
लगता है तेरी कमी पर बात की है

ख़ूबसूरत सोच है लड़की तुम्हारी
तुमने तो हर आदमी पर बात की है

Neeraj Nainkwal

कभी जब मैंने चाहा आख़िरी मिलना
मेरे मिलने पे बोली फिर कभी मिलना

कहीं तो मिल ही जाएगी मुहब्बत यार
मगर मुश्किल है अच्छी दोस्ती मिलना

Neeraj Nainkwal

चलो उसकी तरफ से भी इशारे बन गए हैं
मेरी पिछली मुहब्बत के किनारे बन गए हैं

उछाले थे जो कल की रात उसकी ओर मैंने
मेरे जुगनू तो अम्बर में सितारे बन गए हैं

Neeraj Nainkwal

सर्दियों में सड़क पर सुला देती है
रात दिन रोज़ी रोटी रुला देती है

Neeraj Nainkwal

मेरे रोने पर यार रोता नहीं है
मुझे लग रहा था तू ऐसा नहीं है

मुहब्बत के एग्ज़ाम में थोड़े नंबर
मुझे दिल लगाकर तू पढ़ता नहीं है

Neeraj Nainkwal

ख़ूबसूरत दीवाने धनी लोग हैं
इस ज़माने में सब मतलबी लोग हैं

Neeraj Nainkwal

तीरगी जैसे निकलती है दिए की रौशनी से
एक दिन मैं भी चला जाऊँगा तेरी ज़िंदगी से

Neeraj Nainkwal

नज़्मों में ग़ज़लों में अच्छा लगता है
इश्क मियाँ फिल्मों में अच्छा लगता है

Neeraj Nainkwal

इक मुहब्बत से भरी उस ज़िंदगी के ख़्वाब हैं
पेड़ दरिया और पंछी तेरे मेरे ख़्वाब हैं

Neeraj Nainkwal

हर गली, हर गाँव ये तो शहर भर का मसअला है
काम धंधा रोज़ी रोटी आम घर का मसअला है

Neeraj Nainkwal

जहाँ पर तीरगी है रौशनी करना
ख़ुदा सबके मुक़द्दर में ख़ुशी करना

मिरे बच्चों मिरी बस एक ख़्वाहिश है
बड़े होकर के तुम भी शायरी करना

Neeraj Nainkwal

तुम जो होते ख़ूबसूरत होती और भी ज़िंदगी
पर रदीफ़ों के बिना भी ग़ज़लें ग़ज़लें होती हैं

Neeraj Nainkwal

मेरी इक शर्त है तू निभा के दिखा
ज़िंदगी है अकेले बिता के दिखा

जंग से पहले ही हार जाऊँगा मैं
यार इक बार नज़रें उठा के दिखा

Neeraj Nainkwal

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