
हाँ चलो माना कि दुनिया से जुदा हो सकते हैं
सोच लो शाइ'र किसी पल बे-वफ़ा हो सकते हैं
तू हमारे बा'द तस्वीरें छुपा कर रख लियो
देखने के दरमियाँ हम अलविदा हो सकते हैं
— Neeraj Nainkwal
Other sher from the same pen
Shers of bewafa.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling