मैं खुश बहुत हूँ यहाँ दूसरी की बाहों में
    ये क्या की पहली मुहब्बत बुला रही है मुझे
    Rajnish Vishwakarma
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    कोई रोके किसी भी जुर्म से तो
    तुम्हें वो जुर्म में शामिल लगेगा
    Rajnish Vishwakarma
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    तुम हो पूरी ग़ज़ल, बिंदी उसमे रदीफ़
    और झुमका मुझे क़ाफ़िया सा लगे
    Rajnish Vishwakarma
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    मुझको अपना नाम बताओ काली आँखों वाली लड़की
    देखो इधर जरा मुस्काओ काली आँखों वाली लड़की

    तुमको तो जो भी देखेगा उसकी ख़्वाहिश हो जाओगी
    आँखों में तुम राज़ छिपाओ काली आँखों वाली लड़की

    तुमसे जो भी ख़ता हुई है अब वो सब कुछ बतलाओ भी
    ऐसे मत उँगली उलझाओ काली आँखों वाली लड़की

    एक क़यामत गोरा चेहरा उस पर काली बिंदी भी है
    उस पर भी ज़ुल्फ़ें बिखराओ काली आँखों वाली लड़की
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    Rajnish Vishwakarma
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    जिसको तुम शौक से चाहो वो ग़ज़ल कहनी है
    बज़्म में तुम भी चले आओ ग़ज़ल कहनी है

    लब व रुख़्सार पे तेरी नही लिखना है अभी
    ज़िक्र जिसमें मेरी माँ का हो ग़ज़ल कहनी है

    दूर से सिर्फ़ सदाएँ ही तो आती है सनम
    तू जो आग़ोश में आये तो ग़ज़ल कहनी है

    मेरी क़िस्मत में सबक़ प्यार का अब है ही नही
    मेरी क़िस्मत में है कहनी सो ग़ज़ल कहनी है

    एक से एक घटा रंज न कर तू इसका
    तू हुनर-मंद है तुझको तो ग़ज़ल कहनी है
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    Rajnish Vishwakarma
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    सबकी नज़रों से तुमको चुरा लूंँगा मैं
    तेरे ख़ातिर सभी ग़म उठा लूंगा मैं

    साथ रहने का मैंने है वादा किया
    वादा है मेरा वादा निभा लूंगा मैं
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    Rajnish Vishwakarma
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    तमाम तन्हा व काली रातों को मैंने काटा है करवटों में
    सुकून हासिल हो जाए तुम गर ज़रा सा मेरे क़रीब आओ
    Rajnish Vishwakarma
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    हाँ तुमको देखें निगाह भर के जरा सा मेरे क़रीब आओ
    हटा के घूँघट को अपने सिर से जरा सा मेरे क़रीब आओ

    हो आसमानी गगन कभी भी तो मेघ बनकर के उस पे छाना
    तुम्हे मैं छू लूँ किरण से अपने जरा सा मेरे करीब आओ

    अगर जो होती ख़ता हमारी मैं उससे पहले ही सिर झुकाता
    मेरी क़सम फ़ैसला बदल के जरा सा मेरे करीब आओ

    तमाम तन्हा व काली रातों को मैंने काटा है करवटों में
    सुकूँ मिलेगा हमें तुम्हीं से जरा सा मेरे करीब आओ

    सभी ने अफ़वाह है ये फैलाई शहर में आने वाली फिर हो
    अधिक नही बस जरा सा मेरे जरा सा मेरे करीब आओ
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    Rajnish Vishwakarma
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    जिसने तुमसे कहा है मुझे छोड़ दे
    मेरी जाँ सबसे पहले उसे छोड़ दे

    मुझको आकर बताते मिरे यार सब
    प्यार तो बस नशा है इसे छोड़ दे

    ज़िन्दगी है मिली तो हँसी बाँटिये
    ज़ीस्त का क्या भरोसा किसे छोड़ दे

    मंज़िलों पर निशाँ उसके तय हो गए
    राह में जिसका राही उसे छोड़ दे

    जानता हूँ कि होना नहीं है मगर
    मैं तुझे छोड़ दूँ तू मुझे छोड़ दे
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    Rajnish Vishwakarma
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    वो जिस के पास में पतवार होगी
    उसी के हाथ तो साहिल लगेगा
    Rajnish Vishwakarma
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