जिस ने तुम सेे कहा है मुझे छोड़ दे
मेरी जाँ सब से पहले उसे छोड़ दे
मुझ को आ कर बताते मिरे यार सब
प्यार तो बस नशा है इसे छोड़ दे
ज़िन्दगी है मिली तो हँसी बाँटिये
ज़ीस्त का क्या भरोसा किसे छोड़ दे
मंज़िलों पर निशाँ उस के तय हो गए
राह में जिस का राही उसे छोड़ दे
जानता हूँ कि होना नहीं है मगर
मैं तुझे छोड़ दूँ तू मुझे छोड़ दे
— Rajnish Vishwakarma















