प्यार की बातें छोड़ो यारी ठीक नहीं
किसी के दिल की पहरेदारी ठीक नहीं
जिस ने भी हँसना तुम को सिखलाया हो,
उस के साथ कोई ग़द्दारी ठीक नहीं
जो कुछ भी हो जाए सब अच्छा है पर
किसी से आदत की बीमारी ठीक नहीं
कुछ लोगों को रात से राब्ता होता है,
कुछ लोगों को ये अँधियारी ठीक नहीं
वो तो अपने घर का छोटा लड़का है,
उस के सिर पर ज़िम्मेदारी ठीक नहीं
बात अना पे जब आए लड़ जाना पर
लड़की ख़ातिर मारा-मारी ठीक नहीं
वो भी इश्क़ में जान लुटाए बैठे है
जो कहते थे ख़िदमत-गारी ठीक नहीं
— Rajnish Vishwakarma














