@SaqlainMushtaque
Saqlain Mushtaque shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saqlain Mushtaque's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ग़म-ए-हिज्र से मैं हूँ आशना मुझे आरज़ू-ए-विसाल है
ये इलाज और ये मुआलिजा मेरे दर्द कि तो दवा नहीं
हिज्र मुश्किल से भी मुश्किल न कहीं हो जाए
तुम शब-ए-वस्ल कोई ऐसी नवाज़िश न करो
इतने सादा तो नहीं हैं कि न देखें कुछ भी
हम पे कैसी है ज़माने की नज़र जानते हैं
न था कोई तसव्वुर में तो जीने की न थी ख़्वाहिश
मगर अब ज़िंदगी तुझसे जुदा होने से डरता हूँ
वो आँखें ख़ूबसूरत हैं वो चेहरा ख़ूबसूरत है
उसे देखा तो जाना ये के दुनिया ख़ूबसूरत है
ना-ख़ुदा डर नहीं दरिया की रवानी का हमें
हर तलातुम से निकलने का हुनर जानते हैं