Saqlain Mushtaque

Saqlain Mushtaque

@SaqlainMushtaque

Saqlain Mushtaque shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saqlain Mushtaque's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

ग़म-ए-हिज्र से मैं हूँ आशना मुझे आरज़ू-ए-विसाल है
ये इलाज और ये मुआलिजा मेरे दर्द कि तो दवा नहीं

Saqlain Mushtaque

हिज्र मुश्किल से भी मुश्किल न कहीं हो जाए
तुम शब-ए-वस्ल कोई ऐसी नवाज़िश न करो

Saqlain Mushtaque

इतने सादा तो नहीं हैं कि न देखें कुछ भी
हम पे कैसी है ज़माने की नज़र जानते हैं

Saqlain Mushtaque

बस इसलिए अज़ीज़ है बाद-ए-सबा हमें
आती है उसकी याद भी बाद-ए-सबा के साथ

Saqlain Mushtaque

आह से उनकी हुकूमत न पलट जाए कहीं
हुक्मराँ हो के फ़कीरों को सताया न करो

Saqlain Mushtaque

न था कोई तसव्वुर में तो जीने की न थी ख़्वाहिश
मगर अब ज़िंदगी तुझसे जुदा होने से डरता हूँ

Saqlain Mushtaque

वो आँखें ख़ूबसूरत हैं वो चेहरा ख़ूबसूरत है
उसे देखा तो जाना ये के दुनिया ख़ूबसूरत है

Saqlain Mushtaque

ना-ख़ुदा डर नहीं दरिया की रवानी का हमें
हर तलातुम से निकलने का हुनर जानते हैं

Saqlain Mushtaque

बिजलियाँ दिल पे निगाहों से गिराया न करो
बेहिजाबाना कभी बाम पे आया न करो

Saqlain Mushtaque

कुछ तो मुश्ताक़ शबे हिज्र में राहत होगी
जाते-जाते कोई तस्वीर पुरानी दे दे

Saqlain Mushtaque

आ जाओ किसी सम्त से दो पल के लिए ही
बीमार को कुछ देर की राहत भी बहुत है

Saqlain Mushtaque