हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Almas Rizvi
SHER
मुझ को अब चैन से जीने की तमन्ना ही नहीं
बस ये ख़्वाहिश है कि अब चैन से मर जाऊँ मैं
Almas Rizvi
10
SHER
दिल ए मरीज़ ने दिल से तुझे पुकारा है
तू मेरी ज़ीस्त का अब आख़िरी सहारा है
Almas Rizvi
9
SHER
सर उठा सकता नहीं कोई यज़ीदी हश्र तक
कर दिया कुछ इतना ख़म बातिल का सर अब्बास ने
Almas Rizvi
8
SHER
दुनिया की नेमतों से है बेज़ार ज़िंदगी
अब देखती है जीने के आसार ज़िंदगी
Almas Rizvi
7
SHER
कोई भी ख़्वाब मुकम्मल नहीं होने देती
ज़िंदगी चैन से मुझ को नहीं सोने देती
Almas Rizvi
6
SHER
तुम्हारी दीद की ख़्वाहिश लिए वो बैठे हैं
तुम्हारी दीद ही बीमार की शिफ़ा ठहरी
Almas Rizvi
5
SHER
उन के बग़ैर दिल नहीं लगता मकान में
माँ गर नहीं तो कुछ भी नहीं है जहान में
Almas Rizvi
4
SHER
कहने वाले तो कह के रहते हैं
उन का सोचेंगे मर ही जाएँगे
Almas Rizvi
3
SHER
दिल में वहशत है एक उलझन है
आख़िरी रात तो नहीं है मेरी
Almas Rizvi
2
SHER
हम को हसरत ही रही कोई हमारा होता
कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता
Almas Rizvi
1
Beybaar
ATUL SINGH
Talib akbarabadi
Talha Lakhnavi
Aves Sayyad
Anuj Vats
Anuj kumar
Shreya Shivmurti
Firdous khan
Deepak Vikal