मिरा इलाज अगर चारा-गर के पास नहीं
यक़ी है रब पे मुझे मैं जरा उदास नहीं
हमारे दिल को तिरी रूह से मोहब्बत है
हमारे इश्क़ में शामिल बदन की प्यास नहीं
यहाँ के लोग तो अब ख़ून पीने वाले हैं
यहाँ किसी को भी पानी की कोई प्यास नहीं
न जाने क्यूँँं मुझे दिन-रात याद आता है
वो जिसका साया भी अब मेरे आस-पास नहीं
नसीब वाले हो जो तुम ने पा लिया उसको
यह इश्क़ सैफ मियाँ हर किसी को रास नहीं
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