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Top 10 of
Hrishita Singh
SHER
अपनी ज़िद में हारे हैं तुम ने
अपने सब सेे ज़्यादा प्यारे लोग
Hrishita Singh
10
SHER
आधी नींद के मारे लोग
कैसे हैं ये बेचारे लोग
Hrishita Singh
9
SHER
यूँँ तो रहते हैं ख़ुद से बे-ख़बर भी
है अपने पास पर ज़ौक़-ए-नज़र भी
Hrishita Singh
8
SHER
इन सजावटों की कोई आरज़ू नइँ
जुगनुओं से कहना बत्तियाँ बुझा दें
Hrishita Singh
7
SHER
रिंदों को मयख़ाने से घर ले जाने वाले
फिर तेरा भी उन मयख़ानों से क्या रिश्ता है
Hrishita Singh
6
SHER
कभी तो ज़िंदगी में हादसों का नाम रहा
कभी तो ज़िंदगी ही हादसों के नाम हुई
Hrishita Singh
5
SHER
तुम फ़साने इतने बनाते ही रहते
ये मुहब्बत है जाँ सियासत नहीं है
Hrishita Singh
4
SHER
दिल लगा ले अब और वो भी किसी से
अब लगाने की मुझ को हिम्मत नहीं है
Hrishita Singh
3
SHER
ये अब रौशनी आँखों में चुभती है
अँधेरा ही बस अपना सा लगता है
Hrishita Singh
2
SHER
वो तो किसी को भी अपना ख़ास नहीं रखता
प्यारा भी हो कोई तो वो पास नहीं रखता
Hrishita Singh
1
Aashish kargeti 'Kash'
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Shiv
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