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Top 10 of
Kamran Abbas
SHER
वो मुझ से दूर हुआ मेरे पास आते हुए
अँधेरा हो गया घर में दिया जलाते हुए
Kamran Abbas
10
SHER
ज़िंदगी इस तरह गुज़री है ग़मों के दरमियाँ
दर्द थे इतने कि मेरा मुस्कुराना रह गया
Kamran Abbas
9
SHER
ख़ंजर गले पे रख के मोहब्बत के नाम का
धड़कन वफ़ा की रोक दी ज़ालिम मिज़ाज ने
Kamran Abbas
8
SHER
तुम मुझ से हो ख़फ़ा या दिल तुम से गुरेज़ाँ है
नज़दीकियों में अपनी सदियों की दूरियाँ हैं
Kamran Abbas
7
SHER
कोई पूछे तो ज़रा क्या है ये अंदाज़-ए-सुख़न
लहजा शीरीं है मगर ज़ख़्म लगे जाते हैं
Kamran Abbas
6
SHER
रात भर दीदा-ए-पुर-नूर से मुख़ातिब थे
फ़ज्र होते ही हमें तीरगी नज़र आई
Kamran Abbas
5
SHER
दिल के एक गोशे में तीरगी है यादों की
और इस ज़माने में चार सू उजाला है
Kamran Abbas
4
SHER
टूटे सपनों से मुझे रोज़ घुटन होती है
साँस लेता हूँ तो सीने में चुभन होती है
Kamran Abbas
3
SHER
अश'आर अधूरे हैं किरदार अधूरे हैं
मिलने के लिए आओ घर-बार अधूरे हैं
Kamran Abbas
2
SHER
तीरगी बैठी है मेरे घर में
और तो हर तरफ़ उजाले हैं
Kamran Abbas
1
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