Saheb Shrey

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@saheb_shrey

Saheb Shrey shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saheb Shrey's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अँधेरे में कमा कर रौशनी सब के लिए लाए दिया बनकर जले जब बाप तब त्यौहार होता है — Saheb Shrey
इश्क़ की मासूमियत ये देखिए चूमते हैं लब इजाज़त माँग कर — Saheb Shrey
अँधेरे में कमा कर रौशनी सबके लिए लाए दिया बन कर जले जब बाप तब त्योहार होता है — Saheb Shrey
न जाने कौन सी दौलत अता करता है रब इनको किसी भी बाप को मुफ़्लिस कभी देखा नहीं मैं ने — Saheb Shrey
जाम बहता लबों से है महबूब के चूम कर लब नशा ये अजब देखिए — Saheb Shrey
उस को जब से मैं ने छू कर के देखा है मान लिया की ख़्वाब हक़ीक़त हो सकते हैं — Saheb Shrey

Ghazal

कोई इस सफ़र में हमारा नहीं है सो अब रहगुज़र ये गवारा नहीं है मिले तो सफ़र में, बहुत दिलनशीं पर कोई भी मिला तुम सेे प्यारा नहीं है बहुत ख़ूब-सूरत नज़ारे है लेकिन तेरे हुश्न का इस्तिआरा नहीं है चलो मान लें के ये झूठी है दुनिया मगर सच भी सच तो तुम्हारा नहीं है हसीं हैं अगर लब तो तल्ख़ी भी होगी समुंदर ही क्या वो जो खारा नहीं है कभी देखना इश्क़ में डूब कर तुम ये दरिया है जिस में किनारा नहीं है अगर चाहते हो ये नफ़रत मिटाना सिवा इश्क़ के कोई चारा नहीं है नज़र जा रही है जहाँ तक जहाँ में सुकूँ से किसी का गुज़ारा नहीं है अभी आँखें कुछ नम हैं साहेब लेकिन अभी हौसला हम ने हारा नहीं है — Saheb Shrey