Saheb Shrey

Saheb Shrey

@saheb_shrey

Saheb Shrey shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saheb Shrey's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

अँधेरे में कमा कर रौशनी सब के लिए लाए
दिया बनकर जले जब बाप तब त्यौहार होता है

Saheb Shrey

न जाने कौन सी दौलत अता करता है रब इनको
किसी भी बाप को मुफ़्लिस कभी देखा नहीं मैंने

Saheb Shrey

इश्क़ की मासूमियत ये देखिये
चूमते हैं लब इजाज़त माँग कर

Saheb Shrey

जाम बहता लबों से है महबूब के
चूमकर लब नशा ये अजब देखिये

Saheb Shrey

अँधेरे में कमा कर रौशनी सबके लिए लाए
दिया बन कर जले जब बाप तब त्योहार होता है

Saheb Shrey

उसको जब से मैंने छूकर के देखा है
मान लिया की ख़्वाब हक़ीक़त हो सकते हैं

Saheb Shrey