जब सितारे होते हैं गर्दिश में तब
    लोग अपने आज़माने लगते हैं
    Sandeep dabral 'sendy'
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    बड़ा ज़ालिम ज़माना है दया आई नहीं उस पर
    लगा तोहमत तवायफ़ की जवानी बेच दी उसकी
    Sandeep dabral 'sendy'
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    झूठ कहते हैं यहाँ बाजार में बिकता नहीं कुछ
    बेसहारा को सर-ए-बाज़ार बिकते देखा मैंने
    Sandeep dabral 'sendy'
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    नज़र से नज़र भर नज़र क्या मिली
    ख़िज़ाँ में खिली इक कली फूल की
    Sandeep dabral 'sendy'
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    कि अदाओं पर तेरी मैं एक किताब लिखूँगा
    तेरी इन आँखों को अंगूरी शराब लिखूँगा
    Sandeep dabral 'sendy'
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    कंगन पायल झुमके बाली ये सारे अच्छे हैं पर
    देख नज़र रुक जाती है जब बिंदी काली लगती है
    Sandeep dabral 'sendy'
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    छल के इस युग में वो लड़की मुझको सच्ची लगती है
    इस कारण ही मुझको वो औरों से अच्छी लगती है
    Sandeep dabral 'sendy'
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    अक्सर गिर जाता हूँ मैं उसके गालों के गड्ढों में
    जब जब मुलमुल मुस्काती है वो डिंपल वाली लड़की
    Sandeep dabral 'sendy'
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    छोटी सी बिंदी काली जँचती बेहद पेशानी पर
    कोई है जो दिल हार न बैठे रुप की उस रानी पर
    Sandeep dabral 'sendy'
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    अच्छे ख़ासे सत्ता के गलियारों में दागी हो जाते हैं
    कुर्सी की ख़ातिर अपनों के ही तेवर बाग़ी हो जाते हैं
    Sandeep dabral 'sendy'
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