हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Rehan Mirza
SHER
तेरे बग़ैर भी हम ने तुझी पे शे'र कहे
रहे अँधेरे में और रौशनी पे शे'र कहे
Rehan Mirza
10
GHAZAL
ये नहीं कहता मुहब्बत हो रही है
मुझ को लेकिन तेरी आदत हो रही है
Rehan Mirza
9
SHER
था साथ उस के और मैं कितना उदास था
सूखा वही दरख़्त जो दरिया के पास था
Rehan Mirza
8
GHAZAL
फूल पे बैठी तितली अच्छी लगती है
हँसती खेलती लड़की अच्छी लगती है
Rehan Mirza
7
SHER
एक ही शख़्स नहीं होता सदा दिल का सुकूँ
एक करवट पे कभी नींद नहीं आ सकती
Rehan Mirza
6
GHAZAL
छत की फ़सील पर से ये बच्चा उतर गया
दिल से तुम्हारे इश्क़ का नश्शा उतर गया
Rehan Mirza
5
GHAZAL
हम थक चुके थे आप के झूठे जहान में
तो सो रहे हैं चैन से अपने मकान में
Rehan Mirza
4
SHER
वो लड़की चाहती है उड़ना अपनी मर्ज़ी से
उसे पतंग नहीं इक परिंदा बनना है
Rehan Mirza
3
SHER
शे'र कहने का सलीक़ा तो नहीं आता हमें
हम तो बस दर्द को लफ़्ज़ों में पिरो देते हैं
Rehan Mirza
2
GHAZAL
लटक चुका था मैं तुम से बिछड़ के पँखे पर
उठाया आ के मुझे शा'इरी ने काँधे पर
Rehan Mirza
1
Aryan Mishra
Upendra Bajpai
Sandeep Gandhi Nehal
Adnan Ali SHAGAF
Saurabh
Aatish Alok
Abhay Mishra
Jasmeet singh 'Meet'
Jaffer Imam
Amaan Javed
Get the app