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हम तो जाना जा रहे हैं शहर तेरा छोड़ कर
तेरी ख़ुशबू तेरी गलियाँ तेरा रस्ता छोड़ कर
तेरी ख़ुशबू तेरी गलियाँ तेरा रस्ता छोड़ कर
कौन बतलायेगा अब ता'बीर मेरे ख़्वाब की
लोग मेरे जा रहे हैं मुझ को तन्हा छोड़ कर
मुझ को कोई ग़म नहीं है यार मेरी मौत का
तू मगर क्यूँ भाग आया मुझ को मरता छोड़ कर
शहर में लाई हैं हम को घर की ज़िम्मेदारियाँ
वरना हम आते नहीं माँ को अकेला छोड़ कर
उस की बातें सुन कर अब सब चारा-गर बेहोश हैं
याद उस को कुछ नहीं है मेरा चेहरा छोड़ कर
ख़त्म होने का तो ये कुछ नाम तक लेती नहीं
ज़िन्दगी हम आ गए तुझ को अधूरा छोड़ कर
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उदासी, रंज, पागलपन, वग़ैरा
मोहब्बत में हमें क्या क्या मिलेगा?
मोहब्बत में हमें क्या क्या मिलेगा?
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अपनी यादों के रतजगे देकर
मेरी मुस्कान खा गया कोई
मेरी मुस्कान खा गया कोई
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बिछड़ कर तुझ से मैं मरने लगा था
मगर फिर मिल गया हमनाम तेरा
मगर फिर मिल गया हमनाम तेरा
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