Shahzan Khan Shahzan'

Shahzan Khan Shahzan'

@shahzankhanshahzan_

Shahzan Khan Shahzan' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shahzan Khan Shahzan''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

इश्क़ अधूरा मौत की नींद सुलाता है शुक्र मनाओ तुम को ज़िन्दा छोड़ दिया — Shahzan Khan Shahzan'
एक मुद्दत गुज़ार दी मैं ने वो भी आँखें तिरी बनाने में — Shahzan Khan Shahzan'
मैं ज़िन्दगी के मसाइल से लड़ रहा था और अचनाक उस को ज़रूरत पड़ी बिछड़ने की — Shahzan Khan Shahzan'
तुम ने तो मेरे काम सब आसान कर दिए खोने को मेरे पास में कुछ भी बचा नहीं — Shahzan Khan Shahzan'
जाने किस बात पे इस बार हुई है ग़ुस्सा ज़िन्दगी खुल के कोई बात नहीं करती है — Shahzan Khan Shahzan'
उस ने आबाद कहीं कर ली है अपनी दुनिया ख़ुद को ये बात बताते हुए डर लगता है — Shahzan Khan Shahzan'
ज़िन्दगी पूछ न बैठे तिरे बारे में कहीं तेरी तस्वीर बनाते हुए डर लगता है — Shahzan Khan Shahzan'
ज़रा सा मुस्कुराओ रौशनी हो बहुत तंग आ गए हम तीरगी से — Shahzan Khan Shahzan'
तू वापस लौट कर आए न आए ये दरिया हर समय बहता मिलेगा — Shahzan Khan Shahzan'
रहना पड़ता है उदासी के नगर में हम को तब कहीं जाके ये अश'आर हुआ करते हैं — Shahzan Khan Shahzan'
मुझ को अफ़सोस मेरी सम्त न तू लौट सका मैं कि देता रहा हर बार सदाएँ तुझ को — Shahzan Khan Shahzan'
चौपाल अपने गाँव की वीरान हो गई तुम ने दरख़्त काट के अच्छा नहीं किया — Shahzan Khan Shahzan'
वो चाह कर भी तो रातों को सो नहीं पाते सज़ा मिली है चराग़ों को इश्क़ करने की — Shahzan Khan Shahzan'
ठहर गया हूँ मुहब्बत के उस क़बीले में जहाँ से मुझ को बहुत जल्द लौट जाना था — Shahzan Khan Shahzan'
बस एक शिकवा है तुम सेे के मुझ सेे मिलने कभी हक़ीक़तों में नहीं ख़्वाब में तो आना था — Shahzan Khan Shahzan'
लोग पागल हैं जो समझते हैं काफ़ी मुश्किल है मुस्कुराने में — Shahzan Khan Shahzan'

Ghazal