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Shivam Raahi Badayuni

Top 10 of Shivam Raahi Badayuni

Shivam Raahi Badayuni

Top 10 of Shivam Raahi Badayuni

    ज़िंदगी जिस दिन मिरी तू जान लेता
    बात मेरी तू उसी दिन मान लेता

    डूबते आख़िर नहीं वो सब हमारे
    तब अगर गहराई मेरी जान लेता
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    Shivam Raahi Badayuni
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    उदासी जिस तरह देखी बदन में है उसे कहना
    कहीं मर ही न जाए हम घुटन में है उसे कहना

    हमारे लोग जो घर तक बचा पाए नहीं अपना
    गए मिट आग की ऐसी जलन में है उसे कहना
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    Shivam Raahi Badayuni
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    आँसू बचा नहीं मिला
    घर था मिरा नहीं मिला


    कैसे नहीं बताता अब

    हमदम चुना नहीं मिला
    जा कर चला गया कहीं

    साथी निभा नहीं मिला
    देखो हमें यहाँ नहीं

    मरहम लगा नहीं मिला
    उम्मीद कोई थी नहीं

    दिल था बना नहीं मिला
    उन को पता नहीं चला

    जंगल लुटा नहीं मिला
    रोता रहा कहीं तलक

    दिल भी खुला नहीं मिला
    अब कोई भी नहीं यहाँ

    मुझ सा ख़फ़ा नहीं मिला
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    Shivam Raahi Badayuni
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    बिना उस के कभी अपना गुज़ारा हो नहीं सकता
    मगर वो शख़्स कैसे भी हमारा हो नहीं सकता

    मिरा ही आसमाँ मुझ पे गिरा कर मुझ से कहते हैं
    तिरी दुनिया तिरा कोई सितारा हो नहीं सकता

    तुझे तो मान कर अपना लगाया था गले अपने
    गला ही काट बैठा तू सहारा हो नहीं सकता

    मुझे मालूम है आगे नहीं है रास्ता कोई
    जहाँ पर चल रही हो तुम किनारा हो नहीं सकता

    हमें आख़िर ग़म-ए-दिल का अभी भी दर्द होता है
    कभी भी रंज हम से अब दुबारा हो नहीं सकता
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    Shivam Raahi Badayuni
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    सभी ज़ख़्म उन के छुपाते रहेंगे
    यही ग़म हमें अब सताते रहेंगे

    भरे ज़ख़्म कहते रहें चीख़ कर के
    इन्हें फूल कब तक बताते रहेंगे

    हमें ज़िंदगी से शिकायत नहीं है
    यही बात ख़ुद को सुनाते रहेंगे

    मिरे पास कुछ भी बचा ही नहीं है
    बचे ख़्वाब तेरे जलाते रहेंगे
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    Shivam Raahi Badayuni
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    हर शख़्स पर चेहरे मुझे दिखने लगे
    हर शख़्स अब ठहरे मुझे दिखने लगे

    भरते नहीं हैं ज़ख़्म मरहम भी लगा
    हैं ज़ख़्म सब गहरे मुझे दिखने लगे

    उम्मीद भर कोई नज़र आता नहीं
    हैं हर जगह पहरे मुझे दिखने लगे

    मुझ को कहा था कल किसी ने मौत है
    दरिया सभी गहरे मुझे दिखने लगे
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    Shivam Raahi Badayuni
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    1 Like
    अब ख़ुद को रौशन करना है
    पतझड़ को सावन करना है

    आँखों से बहते दरिया को
    गंगा सा पावन करना है
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    Shivam Raahi Badayuni
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    दिल ही दिल अपना रोता है
    जब तन्हाई में सोता है

    कैसे कोई जीता होगा
    जब वो अपने को खोता है
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    Shivam Raahi Badayuni
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    मेरी रातें मुझ को सोने को कहती है
    उस की यादें मुझ को खोने को कहती हैं
    Shivam Raahi Badayuni
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    अब हम कभी तुम को बुलाएँगे नहीं
    दिल जो दुखा तुम को बताएँगे नहीं
    Shivam Raahi Badayuni
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Ayush AavartAyush AavartAditya Singh aadiAditya Singh aadiSaurabh Yadav KaalikhhSaurabh Yadav KaalikhhManish YadavManish YadavADITYA TIWARIADITYA TIWARIAjay ChoubeyAjay ChoubeyYuvraj Singh FaujdarYuvraj Singh FaujdarTarique JamalTarique JamalAtul K RaiAtul K RaiRohit RajRohit Raj