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Top 10 of
Subhan Asad
SHER
ये काँटे, ये धूप, ये पत्थर इनसे कैसा डरना है
राहें मुश्किल हो जाएँ तो छोड़ी थोड़ी जाती हैं
Subhan Asad
10
SHER
जब भी उस कूचे में जाना पड़ता है
ज़ख़्मों पर तेज़ाब लगाना पड़ता है
Subhan Asad
9
SHER
उस ने पूछा था पहले हाल मेरा
फिर किया देर तक मलाल मेरा
Subhan Asad
8
SHER
तुम्हें देखे ज़माना हो गया है
नज़र महके ज़माना हो गया है
Subhan Asad
7
SHER
उस ने ये कहके मुझे छोड़ दिया
हाशिया छोड़ दिया जाता है
Subhan Asad
6
SHER
तू इस तरह से मिला फिर मलाल भी न रहा
तेरे ख़याल में अपना ख़याल भी न रहा
Subhan Asad
5
SHER
मैं एक ठहरा हुआ पुल, तू बहता दरिया है
तुझे मिलूँगा तो फिर टूट कर मिलूँगा मैं
Subhan Asad
4
SHER
रिश्तों की ये नाज़ुक डोरें तोड़ी थोड़ी जाती हैं,
अपनी आँखें दुखती हों तो फोड़ी थोड़ी जाती हैं
Subhan Asad
3
SHER
मैं जानता हूँ तेरी रूह की तलब जानाँ
तुझे बदन की तरफ़ से नहीं छुऊँगा मैं
Subhan Asad
2
SHER
गिला नहीं कि मेरे हाल पर हँसी दुनिया
गिला तो ये है कि पहली हँसी तुम्हारी थी
Subhan Asad
1
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