तू इस तरह से मिला फिर मलाल भी न रहातेरे ख़याल में अपना ख़याल भी न रहाकुछ इस अदा से झुकी थी हया से आँख तेरीहमारी आँख में कोई सवाल भी न रहा— Subhan Asad