vo bahut chaalaak hai lekin agar himmat karein | वो बहुत चालाक है लेकिन अगर हिम्मत करें

  - Zafar Iqbal

वो बहुत चालाक है लेकिन अगर हिम्मत करें
पहला पहला झूट है उस को यक़ीं आ जाएगा

  - Zafar Iqbal

Aitbaar Shayari

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    बदनाम होते होते बदनाम करते करते

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    तंग आ गया हूँ दिल को यूँ दाम करते करते

    कुछ बे-ख़बर नहीं थे जो जानते हैं मुझ को
    मैं कूच कर रहा था बिसराम करते करते

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    उस्लूब-ए-ख़ास अपना मैं आम करते करते
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    Zafar Iqbal

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