तुमको तो बस हिसाब देना है
हम को घर पे जवाब देना है
नोच कर खा गई हो दिल मेरा
और कितना अज़ाब देना है
बे-वफ़ाई में हो तुम्हीं अव्वल
इस का तुमको ख़िताब देना है
लानतें लाख भेज लो हम पर
फिर भी तुमको गुलाब देना है
इल्म ता'बीर का अगर हो तुम्हें
एक अच्छा सा ख़्वाब देना है
इश्क़ क्या है जो पूछ ले कोई
हमको रेटिंग ख़राब देना है
जीत आए हैं हौसला 'ए'जाज़'
नारा-ए-इंक़लाब देना है
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