"तेरे पीछे हम खड़े"

जंग में मरने के ख़्वाहिश-मंद दीवाने बड़े
कोई वजह तो दे हम किन वास्ते लड़े

चिंगारी दोनों जानिब ही लगे तो बेहतर
इकतरफ़ा झुलसन में हम भला काहे पड़े

नज़्म जो मुँह पर लटकी सीने में अटकी
अश्कों में लिखी को कोई अश्कों में पढ़े

हारने के लिए किस ने खेले जोखिमी खेल
सिला मिले गर कोई तो हम पहाड़ चढ़े

ढलते दो फ़ानी पलों के साथ का क्या है
'उम्रों की बात जो हो तो तेरे पीछे हम खड़े

— kapil verma

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