एक तरफ़ उँगलियों पे चुनाव की कालिखएक तरफ़ उड़ती दिखे शमशान की कालिखएक तरफ़ जनता जो जल के ख़ाक हो रहीएक तरफ़ इंसनियत पर पुत रही कालिख— Amit Joshi anhad