बहुत सज धज के रहती हो कि जैसे उस ख़ुदा ने बसतुम्हीं पे रख दिया ज़िम्मा जहाँ के ख़ुश नज़ारों कातुम्हारी याद आते ही मेरे आँसू निकलते हैंवही रिश्ता है इनका भी जो है शब से सितारों का— Aditya