वक़्त गुजरा हुआ यादों में चला आता हैवक़्त के साथ जो गुजरा वो कहाँ आता हैरूठने और मनाने के रिवाजों से परेसिर्फ़ तन्हाई में जीने का मज़ा आता है— Aditya