उस ने जबसे नज़र हटा ली हैहम ने सरपर ज़मीं उठा ली हैअपनी तस्वीर भेज दे कोईएक अरसे से पर्स ख़ाली हैदेखता हूँ ये बोलती कब हैउस की तस्वीर तो बना ली हैकब कहा है कि जा नहीं आताबस मुलाक़ात ही तो टाली हैआप चाहें तो लौट सकते हैंदेखिए शाम होने वाली है— Aditya Singh aadi