tere aane ki aas kar rahe hain | तेरे आने की आस कर रहे हैं

  - Afzal Ali Afzal

तेरे आने की आस कर रहे हैं
और ख़ुद को उदास कर रहे हैं

हम तेरे इंतिज़ार में कब से
जाने क्या क्या क़यास कर रहे हैं

ख़ुश्क़ सहरा में कुछ दिवाने लोग
यहाँ वाँ प्यास प्यास कर रहे हैं

फिर यक़ीं कर रहे हैं सब उस पे
और ब-होश-ओ-हवास कर रहे हैं

फ़र्ज़ ये है कि कुछ ज़ियादा दें
हम मगर सौ पचास कर रहे हैं

सब मोहब्बत के नाम पर अफ़ज़ल
जिस्म को बे लिबास कर रहे हैं

  - Afzal Ali Afzal

Kamar Shayari

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