क्या जाने किस ख़ता की सज़ा दी गई हमेंरिश्ता हमारा दार पे लटका दिया गयाशादी में सब पसंद का लाया गया मगरअपनी पसंद का उसे दूल्हा नहीं मिला— Afzal Ali Afzal