ये तो हम सेे आज़ादी की अर्ज़ी हैतुम ख़ुदगर्ज़ नहीं थे ये ख़ुदगर्ज़ी हैचाहत तो तुम समझ रही हो अच्छे सेआगे मेरी जान तुम्हारी मर्ज़ी है— Akash Gagan Anjaan