ख़्वाब जो भी थे जल गए हैं ना
मेरे आँसू पिघल गए हैं ना
मेरे अरमान, मेरे ख़्वाबों को
बे-सबब ही कुचल गए हैं ना
आपके वास्ते जहाँ छोड़ा
आप हम सेे बहल गए हैं ना
हम मुहब्बत में फँस गए केवल
आप बचकर निकल गए हैं ना
आपसे 'इश्क़ था हमें लेकिन
आप हमको भी छल गए हैं ना
पहले हम कितना मुस्कुराते थे
हम भी कितना बदल गए हैं ना
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