अभी कुछ और पल बैठो चले जाना ठहर जाओ
सभी हैं ग़लतियाँ मेरी मैं ने माना ठहर जाओ
बहुत डर लगता है तुमको अकेले आने जाने में
सफ़र लंबा है रस्ता भी है अंजाना ठहर जाओ
ज़रा देखो ये मौसम को कि बरसेगी घटा काली
कभी मेरी भी तो सुन लो चली जाना ठहर जाओ
जो उसकी आँखों में देखा नशा तो हो ही जाना है
कहीं अब लग न जाए कोई जुर्माना ठहर जाओ
मैं जो गलती करूँँ फिर से तो फिर से ग़ुस्सा होना तुम
जो मैं फिर से कहीं भटकूँ तो समझाना ठहर जाओ
ठहर जाओ ठहर जाओ ठहर जाओ ठहर जाओ
ये कहता फिर रहा है यार दीवाना ठहर जाओ
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