तुम्हारेसाथतोअबक़ाफ़िलेहैं
मगरहमआजभीतन्हाखड़ेहैं
कभीबाद-ए-सबासपूछनाये
तेरीयादोंमेंकितनाजागतेहैं
तुम्हारा"आप"कहनाखलरहाहै
हमारेबीचकितनेफ़ासलेहैं?
कहींभीदिलनहींलगताहमारा
तेरेबारेमेंइतनासोचतेहैं
तवक़्क़ोग़ैरसेक्या?जबदुखोंमें
हमारेअपनेजुमलेकसरहेहैं
बचोशीरींज़बाँवालोंसेयारों
फँसानेकेसभीयेचोचलेहैं
वहाँअबजारहाहूँयारअंकित
जहाँकुछलोगमुझकोजानतेहैं