है नाज़ मुझ को आप मेरे राब्ते में हैंमेरे भी हिस्से आ गए कुछ शानदार लोगज़िंदादिली का ज़िक्र कहीं हो रहा हो तोसुनते ही याद आते हैं बचपन के यार लोग— Ashraf Ali