राह सुनसान अगर होती तो
कोई अनजान अगर होती तो
आख़िरश तुझ को लुटा ही देता
तू मेरी जान अगर होती तो
हाल भी पूछता घर भी रखता
जान पहचान अगर होती तो
मुझ को पहले ही पता चल जाता
तू परेशान अगर होती तो
ज़िंदा है तो है ये हाल औरत का
कोई सामान अगर होती तो
— Ayush Aavart















