आप की नज़रें क़यामत हैं
आप कितनी ख़ूब-सूरत हैं
मुस्कुराहट आप की बातें
इस दिवाने दिल की राहत हैं
ख़्वाब में हम देखते हैं जो
आप तो वो ही हक़ीक़त हैं
आप का होना हमारे पास
वाक़ई हम ख़ूब क़िस्मत हैं
जो सुकूँ दे वो रफ़ाक़त हैं
हर तरह मेरी ज़रूरत हैं
फ़ैसला वो भी बिछड़ने का
होश तो तेरे सलामत हैं
और जिस के बा'द क़िस्सा ख़त्म
आप मेरी वो मुहब्बत हैं
ऐसे ही तो मैं नहीं आजिज़
आप की यादें अज़िय्यत हैं
— Azhan 'Aajiz'















