
लगाई है सियासत ने वतन में आग नफ़रत की
चला दे तू ख़ुदाया जो हवाएँ हैं मुहब्बत की
दिखाते हैं हुक़ूमत की हमें ताक़त यहाँ अपनी
दिखा वो तू ज़रा ताक़त ख़ुदा अपनी हुक़ूमत की
— Azhan 'Aajiz'
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