अब रहा नहीं किसी पे ए'तिबार दोस्तों
हो गया है अब बनावटी ये प्यार दोस्तों
तुम तलाश लो मगर नहीं मिलेगी अब वफ़ा
हो गई वफ़ा बहुत ही शर्मसार दोस्तों
जो तलाशने चला मैं सच्चे प्यार का पता
मिल गए मुझे मिरे पुराने यार दोस्तों
— Swapnil Srivastava 'Bhola Lucknowi'















