मेरी बातें दिल के पन्नों पर रक्खेगा
मिलने की तारीख़ों को लिख कर रक्खेगा
धोखे से भी ठेस न पहुँचे मुझ को यानी
वो शिद्दत से निगरानी सब पर रक्खेगा
हम दोनों इक दूजे की दुनिया हो जाएँ
तो हर रावण अपने भीतर डर रक्खेगा
मेरे रोने से पहले कहने से पहले
कोई होगा जो काँधे पर सर रक्खेगा
दुनिया में इतने वासी हैं सो कहती हूँ
कोई मेरा नाम कभी रहबर रक्खेगा
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