मुझ को आबाद भी किया तू नेथोड़ा बर्बाद भी किया तू नेमुझ को बैचैन भी किया कितनाऔर आज़ाद भी किया तू नेतेरी बातों से ये नहीं लगताहिज्र में याद भी किया तू ने— Chetan Sharma 'Mizaj