उजली हसीन रात में जलसे निकाल करहम ने गुज़ारी तीरगी हर पल सँभाल करजीने की हम ने ख़्वाहिशें सारी ही छोड़ दींमरने का कर के फ़ैसला सिक्का उछाल कर— Chetan Sharma 'Mizaj