वही इक इश्क़ दिल को बे-तहाशा याद आता हैफिर उस ने जो किया हर इक तमाशा याद आता हैदिखाती कब हैं अपना दर्द माएँ इस ज़माने कोवगरना उन को बच्चा बे-तहाशा याद आता है— Das Kanpuri