आप की इस अदा का क्या कहना
घर जला कर वही खड़े रहना
चाँद सूरज हवा सभी चुप थे
फिर अचानक से यूँ हवा बहना
क्या ही श्रृंगार तू करेगी अब
सादगी है तिरा खरा गहना
— Divyanshu Tiwari SAHIL
घर जला कर वही खड़े रहना
चाँद सूरज हवा सभी चुप थे
फिर अचानक से यूँ हवा बहना
क्या ही श्रृंगार तू करेगी अब
सादगी है तिरा खरा गहना
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