एक ही चेहरा तुम्हें क्यूँँ इतना प्यारा लगता है
पूछते हो इश्क़ क्या है ये तुम्हें क्या लगता है
जो ज़रूरी भी नहीं तुम को वही तो चाहिए
चाहिए क्या ख़ैर तुम को और जो अच्छा लगता है
दरिया जो तुम ने चुना है तैरना आता है क्या
इश्क़ उतना भी नहीं आसाँ ये जितना लगता है
— Furkan Ansari















