
मैं मोहब्बत भी करूँँगा बे-वफ़ाई भी करूँँगा
इश्क़ में हद से गुज़र के जाँ-फ़िदाई भी करूँगा
एक दरिया ने सिखाया दुनिया सा होना सो मैं अब
रहनुमाई भी करूँगा रहगिराई भी करूँगा
— Furkan Ansari
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