जहाँ इम्कान के रस्ते मिलेंगे
वहाँ हम लोग पहले से मिलेंगे
बशारत दी है उस ने जाते-जाते
कहीं हम नज़्म से आगे मिलेंगे
अदाकारी करो मायूस लड़के
वहाँ रोने के भी पैसे मिलेंगे
ये जीना-मरना पहला मरहला था
अभी कुछ और भी ख़तरे मिलेंगे
एक अरसे साथ रहने का ख़सारा
हमारे बच्चों के चेहरे मिलेंगे
वो इक पल के लिए आएगा उस के
कई दिन बा'द तक चर्चे मिलेंगे
रखी हैं जिन के बस्तों में गुलेलें
उन्हीं बस्तों में कल कट्टे मिलेंगे
पुराना-सा वही बेकार जुमला
तिरे जैसे बहुत लड़के मिलेंगे
— Jaffer Imam















