ख़ुदा तुझे क़सम है तेरी प्यारी काइनात कीबता भी दे वबा-ए-इश्क़ ठहरी कौन ज़ात कीमुझे ये ख़ुद पे फ़ख़्र होता है कि मेरे शे'र सुनकई सी लड़कियों ने मुझ से खुल के कितनी बात की— Jagveer Singh