kaisa bhi toofan ho tumhein taiyaar hona chahiye | कैसा भी तूफ़ाँ हो तुम्हें तैयार होना चाहिए

  - Meem Alif Shaz

कैसा भी तूफ़ाँ हो तुम्हें तैयार होना चाहिए
तुम तो जवाँ हो तुम से दरिया पार होना चाहिए

ज़ालिम की हाँ हाँ कब तलक करते रहोगे दोस्तों
इस दौर में थोड़ा बहुत इनकार होना चाहिए

जब आसुओं ने रास्ता तय कर लिया है आँखों तक
फिर जल्दी से महबूब का दीदार होना चाहिए

जिस की वजह से मैं ज़ियादा ही परेशानी में हूँ
उस शख़्स का भी जीना अब दुशवार होना चाहिए

जो झूठ का चेहरा सभी के सामने ले आए शाज़
इस देश में इक ऐसा भी अख़बार होना चाहिए

  - Meem Alif Shaz

Protest Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Meem Alif Shaz

As you were reading Shayari by Meem Alif Shaz

Similar Writers

our suggestion based on Meem Alif Shaz

Similar Moods

As you were reading Protest Shayari Shayari